Description: | भाग्य की कैसी विडम्बना थी कि छ: राज्यों द्वारा घोषित इश्तिहारी मुजरिम विमल एक ऐसे अपराध की एवज में पकड़ा गया जो उसने किया नहीं था । विमल के दर्जनों अपराधों में से हर अपराध उसे फांसी के फंदे पर पहुंचा सकता था, लेकिन उसकी हकीकत से बेखबर, इन्स्पेक्टर महिपाल सिंह उससे एक ऐसी हत्या का अपराध कुबुलवाना चाहता था जो उसने की नहीं थी । |
Author: | Surender Mohan Pathak |
Language: | Hindi |
Publication: | Radha Pocket Books, Dailyhunt |
Book Series Name: | Vimal Series 7 |
Digital: | Yes |
Physical: | Yes |
Rented: | No |
Wishlist: | No |
In Transit: | No |
Book Post Date: | September 28, 2014 |
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Publication: HarperColins Publishers India Ltd
Series: Mukesh Mathur 4
Language: Hindi
Physical
Digital
In Transit
Rented
Wishlist
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